प्रकाशित तिथि: 2026-08-11
अपडेट तिथि: 2026-08-11
सोमवार के नियमित कारोबारी सत्र में RKLB का शेयर 3.4% गिरा और नतीजों के बाद यह गिरावट और गहरी हो गई। आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में शुक्रवार के बंद भाव से यह गिरावट एक समय करीब 10% तक पहुंच गई। इस कमजोरी की वजह घटता मार्जिन, अनुमानित घाटे में बढ़ोतरी और Neutron की पहली लॉन्चिंग के लिए सिमटती समयसीमा रही।
Rocket Lab यह साबित कर चुकी है कि वह ग्रोथ हासिल कर सकती है। अब Neutron को यह साबित करना होगा कि यह ग्रोथ RKLB के वैल्यूएशन को सही ठहरा सकती है।

दूसरी तिमाही में आय सालाना आधार पर 62% बढ़कर 23.41 करोड़ डॉलर रही, जिसमें करीब 81% हिस्सा Space Systems का रहा, जबकि Launch से होने वाली आय घटी।
बैकलॉग सालाना आधार पर 137% बढ़कर रिकॉर्ड 2.36 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जिससे Rocket Lab को भविष्य की मांग का स्पष्ट अंदाजा मिलता है।
तीसरी तिमाही के लिए आय का अनुमान 25 करोड़ से 26.5 करोड़ डॉलर के बीच रखा गया है, जबकि ग्रॉस मार्जिन घटकर 29%-31% रहने और एडजस्टेड EBITDA घाटा बढ़ने का अनुमान है।
Neutron को अब भी 2026 की चौथी तिमाही में लॉन्च पैड पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि साल के अंत तक पहली उड़ान की समयसीमा लगातार सिमटती जा रही है।
Neutron की पहली सफल टेस्ट फ्लाइट अब सीधे कंपनी की कमाई से जुड़ गई है, क्योंकि प्रबंधन ने इस उपलब्धि को एडजस्टेड EBITDA मुनाफे की दिशा में बढ़ने से जोड़ा है।
सोमवार के नियमित सत्र में RKLB 3.4% गिरा और नतीजों के बाद यह गिरावट और बढ़ गई। आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में शुक्रवार के बंद भाव से गिरावट एक समय करीब 10% तक पहुंच गई। नतीजों ने पूरी गिरावट को जन्म नहीं दिया, बल्कि पहले से चल रही गिरावट को और तेज कर दिया।
सोमवार को 80.04 डॉलर के बंद भाव पर Rocket Lab का मार्केट वैल्यू करीब 48 अरब डॉलर था, जबकि बीते 12 महीनों की आय करीब 76.9 करोड़ डॉलर रही, यानी RKLB का वैल्यूएशन ट्रेलिंग सेल्स के करीब 63 गुना पर था।
इतने ऊंचे वैल्यूएशन पर एक और मजबूत सेल्स तिमाही भी काफी नहीं थी। तीसरी तिमाही में कमजोर मार्जिन, बढ़ते अनुमानित EBITDA घाटे और Neutron की समयसीमा को लेकर बढ़ते जोखिम ने उस भविष्य की ग्रोथ और मुनाफे पर दबाव डाला, जो पहले से ही RKLB के शेयर भाव में शामिल था।
Space Systems की आय सालाना आधार पर 94% बढ़कर 18.95 करोड़ डॉलर रही, जो Rocket Lab की दूसरी तिमाही की कुल आय का करीब 81% है। इसके उलट, Launch Services की आय छह Electron मिशन के बावजूद 4% घटकर 4.46 करोड़ डॉलर रह गई।
Launch की आय में गिरावट मुख्य रूप से रेवेन्यू-रिकग्निशन के समय की वजह से रही, न कि मिशन की संख्या कम होने से। Space Systems ने स्पेसक्राफ्ट निर्माण और अधिग्रहणों के जरिए विस्तार किया, जिससे यह कंपनी की कुल 62% ग्रोथ का स्पष्ट स्रोत बन गया।
यह अंतर इस तिमाही को समझने का तरीका बदल देता है। Rocket Lab का मौजूदा कमाई का इंजन अब सिर्फ लॉन्च पैड से उड़ने वाले रॉकेटों की संख्या नहीं, बल्कि तेजी से स्पेसक्राफ्ट और कलपुर्जों पर निर्भर होता जा रहा है।
Rocket Lab का बैकलॉग सालाना आधार पर 137% बढ़कर 2.36 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जिसमें करीब 1.42 अरब डॉलर Space Systems से और 94 करोड़ डॉलर Launch Services से हैं। इसमें से करीब 45% के अगले 12 महीनों में आय में बदलने की उम्मीद है।
कंपनी ने दूसरी तिमाही और उसके बाद हुए समझौतों को मिलाकर 43.7 करोड़ डॉलर से ज्यादा के नए Electron, HASTE और Neutron लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट (ऑप्शन सहित) दर्ज किए। यानी मांग को लेकर फिलहाल कोई कमजोरी नहीं है।
मुनाफे का मामला अलग है। बड़े सैटेलाइट-प्लेटफॉर्म प्रोग्राम Rocket Lab के Space Systems मार्जिन दायरे के निचले छोर पर आते हैं, जबकि लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट तभी आय में बदलते हैं जब मिशन तय समयसीमा के मुताबिक आगे बढ़ते हैं। बड़ा बैकलॉग भविष्य का काम तो सुनिश्चित करता है, लेकिन उस काम पर मिलने वाले मार्जिन की गारंटी नहीं देता।
Rocket Lab को तीसरी तिमाही में 25 करोड़ से 26.5 करोड़ डॉलर के बीच आय होने की उम्मीद है, जो रॉयटर्स के मुताबिक वॉल स्ट्रीट के 23.85 करोड़ डॉलर के अनुमान से ज्यादा है। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन घटकर 29%-31% रहने का अनुमान है, जबकि एडजस्टेड EBITDA घाटा बढ़कर 1.7 करोड़-2.3 करोड़ डॉलर तक पहुंचने की आशंका है।
| पैमाना | दूसरी तिमाही (वास्तविक) | तीसरी तिमाही (गाइडेंस) |
|---|---|---|
| आय | 23.41 करोड़ डॉलर | 25 करोड़-26.5 करोड़ डॉलर |
| ग्रॉस मार्जिन | 36.1% | 29%-31% |
| एडजस्टेड EBITDA घाटा | 88 लाख डॉलर | 1.7 करोड़-2.3 करोड़ डॉलर |
Rocket Lab तिमाही आय का एक और उच्च स्तर छू सकती है, जबकि उसका एडजस्टेड EBITDA घाटा करीब दोगुना हो सकता है। कम मार्जिन वाले सैटेलाइट प्रोग्राम ग्रॉस मार्जिन पर दबाव डाल रहे हैं, जबकि Neutron के विकास और पहली उड़ान से जुड़े खर्च लागत को लगातार बढ़ा रहे हैं।
यानी आय तो बढ़ रही है, लेकिन नजदीकी अवधि की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।
Neutron की पहली उड़ान से पहले ही उसे ग्राहक मिल चुके हैं। Rocket Lab एक गोपनीय ग्राहक को पांच समर्पित Neutron मिशन बेच चुकी है और अमेरिकी स्पेस फोर्स के National Security Space Launch Phase 3 Lane 1 प्रोग्राम में भी शामिल है।
पहली सफल लॉन्चिंग से Rocket Lab के लिए Space Force के Lane 1 टास्क ऑर्डर की प्रतिस्पर्धा का रास्ता भी खुल जाएगा। Space Systems Command के मुताबिक, कोई भी प्रोवाइडर कम से कम एक सफल लॉन्च के बाद ही आगामी मिशन के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकता है, यानी Neutron की पहली उड़ान सीधे एक बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा लॉन्च बाजार का रास्ता खोल सकती है।
असली चुनौती अब भी क्रियान्वयन की है। Rocket Lab का लक्ष्य 2026 की चौथी तिमाही में Neutron को लॉन्च पैड तक पहुंचाना है, और इसी समयसीमा के हिसाब से Stage 1 टैंक का उत्पादन चल रहा है। साल के अंत तक लॉन्च की समयसीमा सिमटती जा रही है, और अंतिम समय अब भी फर्स्ट-स्टेज क्वालिफिकेशन और अन्य अहम परीक्षणों पर निर्भर करेगा।
सिर्फ एक सफल लॉन्च से आर्थिक तस्वीर साफ नहीं होगी। Neutron को अब भी बार-बार लॉन्च करने की क्षमता, भरोसेमंद क्रियान्वयन और ऐसी लॉन्च अर्थव्यवस्था चाहिए जो कहीं बड़े कारोबार को सहारा दे सके। RKLB का शेयर भाव पहले से ही उस भविष्य को ध्यान में रखकर तय है।
नहीं। Rocket Lab ने दूसरी तिमाही में 4.93 करोड़ डॉलर का शुद्ध घाटा और 88 लाख डॉलर का एडजस्टेड EBITDA घाटा दर्ज किया। तीसरी तिमाही के अनुमान के मुताबिक एडजस्टेड EBITDA घाटा बढ़कर 1.7 करोड़-2.3 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है, क्योंकि कम मार्जिन वाला Space Systems कारोबार और Neutron पर होने वाला खर्च मुनाफे पर दबाव बनाए हुए हैं।
Rocket Lab की ज्यादातर ग्रोथ के पीछे Space Systems है, जिसने 18.95 करोड़ डॉलर, यानी दूसरी तिमाही की कुल आय का करीब 81% हिस्सा जुटाया। Launch Services की आय 4% घटी, इसलिए कंपनी की कुल 62% वृद्धि मुख्य रूप से स्पेसक्राफ्ट और कलपुर्जों से आई, न कि ज्यादा लॉन्च आय से।
Rocket Lab को उम्मीद है कि Neutron की सफल टेस्ट फ्लाइट के बाद वाली तिमाही में कंपनी एडजस्टेड EBITDA मुनाफे की दिशा में बढ़ेगी। इसके करीब 18 से 24 महीने बाद फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव हो सकता है, क्योंकि कंपनी अतिरिक्त Neutron वाहनों और लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च करती रहेगी। यह अनुमान स्टैंडअलोन Rocket Lab पर आधारित है और अगर प्रस्तावित Iridium अधिग्रहण पूरा होता है तो इसमें बदलाव हो सकता है।
जून के अंत तक Rocket Lab के पास करीब 2.39 अरब डॉलर की नकदी और मार्केटेबल सिक्योरिटीज थीं। इसमें से करीब 1.53 अरब डॉलर की सकल राशि साल की पहली छमाही में एट-द-मार्केट इक्विटी ऑफरिंग से जुटाई गई, जिससे कंपनी को पर्याप्त तरलता तो मिली, लेकिन विस्तार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे शेयरों की संख्या भी बढ़ गई।
Neutron में देरी या पहली उड़ान के नाकाम होने का जोखिम सबसे स्पष्ट नजदीकी क्रियान्वयन जोखिम हैं। लॉन्च की धीमी रफ्तार, Space Systems के कमजोर मार्जिन और आगे और डाइल्यूशन होने से भी आय बढ़ने के बावजूद आर्थिक स्थिति पर दबाव पड़ सकता है। Rocket Lab खुद भी Neutron के सफल विकास और परिचालन दक्षता को अपनी भविष्य की ग्रोथ और मुनाफे के लिए अहम मानती है।
Neutron की चौथी तिमाही में तय पैड डिलीवरी अगला बड़ा ट्रिगर है। फुल-स्टेज क्वालिफिकेशन और पहली उड़ान से यह साफ होगा कि क्या Rocket Lab बुक्ड डिमांड को बार-बार दोहराए जा सकने वाले मीडियम-लिफ्ट लॉन्च में बदल सकती है। अब वैल्यूएशन के लिए यह साबित करना जरूरी है कि Neutron उड़ान भर सकती है, अपना दायरा बढ़ा सकती है और कमाई कर सकती है।